उसका जीवन अंधे के समान रहता है I इसके सटीक न होने से अल्प अथवा महान भाग्य का पता नहीं लगता I प्रत्येक व्यक्ति इस संसार में भाग्यवान बनना चाहता है I कठोर श्रम और देवश्रद्धा से कुछ लोग अपने दुर्भाग्य को बदल लेते हैं जबकि कुछ जातक जन्म से भाग्यवान होते हैं I इस पुस्तक में कुछ ऐसी कुंडलियों का ही विवेचन विश्लेषण लेखक न किया है I यह पुस्तक जिज्ञासू पाठकों एवं प्रबुद्ध दैवज्ञों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी
as i have read in some other books on spirituality
Dattatreya Tantra by Rudradev Tripathi
We go in search of peace and for that alone
Prabhu ki Khoj [Hindi] 9788131004685 उसका जीवन अंधे के समानPrabhu ki Khoj [Hindi] by Osho Siddhartha Publisher: Oshodhara , I I I , , , , , I , , I , , I , I , , , , , , I I I I , , I